पारिवारिक समझौता

पारिवारिक समझौते का उक्त विलेख दिनांक माह सन् के दिन क आत्मज ख , आयु वर्ष, निवासी जिसे आगे प्रथम पक्षकार कहा गया है एवं जो इस विलेख का प्रथम पक्षकार है तथा श्रीमती ग विधवा घ , आयु वर्ष, निवासी जिसे आगे द्वितीय पक्षकार कहा गया है एवं जो इस विलेख की द्वितीय पक्षकार है, के बीच नगर में निष्पादित किया गया।

और चूंकि उक्त ग का पति घ जो उक्त क का भाई था कि कुछ समय पूर्व अपनी चल एवं अचल सम्पति छोड़कर मृत्यु हो गई। उक्त चल एवं अचल सम्पति जिसे संलग्न अनुसूची में उल्लेखित किया गया है, पर दोनों भाईयों का पूर्णरूपेण स्वामित्व एवं अधिपत्य था।

और उक्त ग के तीन छोटे-छोटे लड़के हैं जिनका पालना पोषण उक्त संयुक्त में से होता रहा है।

और चूंकि उक्त दोनों पक्षकारों ने पारिवारिक सम्पति के सम्बन्ध में आपस में समझौता करने का निर्णय किया, जिस पर निम्न शर्तों के साथ उक्त दोनों पक्षकार सहमत हो गये।

अतएव अब यह विलेख साक्ष्यांकित करता है किः-

  1. उक्त पक्षकारों को पारिवारिक सम्पति की समान मूल्य की दो सूचियां 'अ' एवं 'ब' निर्मित की गई हैं, जिन्हें संलग्न अनुसूची में प्रदर्शित किया गया है।
  2. सूची, 'अ' में की सारी सम्पति उक्त प्रथम पक्षकार 'क' को दी जाती है जिस पर उसका पूर्णरूपेण स्वामित्व एवं आधिपत्य रहेगा। सूची 'ब' की सारी सम्पति उक्त द्वितीय पक्षकार 'ग' को दे दी जाती है जिस पर उसका पूर्णरूपेण स्वामित्व एवं आधिपत्य रहेगा। अब अनुसूची में वर्णित सम्पतियों के सम्पूर्ण स्वत्व हित अधिकार सम्बन्धित पक्षकारों में पृथक रूप से निहित होंगें जिसका उपयोग एवं उपभोग करने का अधिकार प्रत्येक पक्षकार एवं उसके उत्तराधिकारी को होगा।
  3. उक्त समझौते की दिनांक से उक्त दोनों पक्षकार अपनी-अपनी सम्पतियों के पूर्णरूपेण स्वामी एवं अधिपति होकर उसका उपयोग एवं उपभोग कर सकेगें एवं कोई भी पक्षकार एक दूसरे के लिए बाधक न बनेगा।
  4. उक्त दोनों पक्षकार भविष्य में अपनी-अपनी सम्पतियों पर भारित कर आदि का भुगतान करने के लिए दायी होंगें।
  5. उक्त समझौते के विलेख की दो प्रतियाँ तैयार की गई हैं। जिनमें से मुद्रांक पर की प्रति प्रथम पक्षकार के पास तथा दूसरी प्रति द्वितीय पक्षकार के पास रहेगी।

उपर्युक्त के साक्ष्य स्वरूप उक्त दोनों पक्षकारों ने निम्नलिखित दो साक्षियों के समक्ष आगे चलकर उपर्युक्त स्थान एवं दिनांक पर अपने हस्ताक्षर कर दिये हैं।

साक्षीगण
1.

2.
(1) हस्ताक्षर, क
प्रथम पक्षकार

(2) हस्ताक्षर, ग
द्वितीय पक्षकार

संलग्न सूचियां

सूची 'अ'

सूची 'ब'

(1) कि उक्त निर्देश की मद संख्या को मैं पूर्णतः अस्वीकार करता हूँ और उस पर क ख के विरूद्ध और ग घ के पक्ष में निर्णय देता हूँ।

(2) कि उक्त निर्देश की मद संख्या के विषय पर मैं (यहाँ सीमा लिखिये) सीमा तक समनुज्ञा (allow) देता हूँ और उसी सीमा तक क ख के पक्ष में निर्णय देता हूँ।

(3) कि उक्त निर्देश की मद संख्या के विषय पर पूर्ण रूप से ग घ के विरूद्ध तथा क ख के पक्ष में निर्णय देता हूँ।